नई दिल्ली, 17 अप्रैल (बु.)। लॉकडाउन के दौरान अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर परेशान हैं। अभिभावकों ने दिल्ली सरकार से शिकायत की है कि कईं निजी स्कूल मनमानी फीस मांग रहे हैं, स्कूल बंद होने के बावजूद परिवहन शुल्क भी लगाया जा रहा है। इस बाबत दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को कड़े निर्देश दिए हैं।
कई निजी स्कूलों की मनमानी को संज्ञान में लेते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा है कि स्कूलों के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं, दिल्ली के स्कूलों को कई सख्त आदेश दिए हैं। ये आदेश फीस बढ़ाने से लेकर ऑनलाइन क्लास लेने तक हैं। उन्होंने ट्वीट में स्कूलों को सख्त आदेश दिया है कि सभी प्राइवेट स्कूलों की ज़िम्मेदारी है कि सभी टीचिंग, नॉन टीचिंग, कॉन्ट्रैक्ट या आउट सोर्स वाले स्टाफ की सैलरी समय से दें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि ये आदेश सभी प्राइवेट स्कूलों (सरकारी ज़मीनों अथवा प्राइवेट ज़मीनों वाले) पर लागू होंगे।
मनीष सिसोदिया ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आदेश दिए हैं कि दिल्ली के प्राइवेट स्कूल बिना सरकार से पूछे फीस नहीं बढ़ाएंगे। इसके अलावा वो बच्चों से एक साथ तीन महीने की फीस नहीं लेंगे, केवल एक महीने की ट्यूशन फीस के अलावा कोई अन्य फीस नहीं लेंगे। फीस न देने पर किसी बच्चे को ऑनलाइन क्लास से नहीं हटाएंगे।
इस संबंध में दिल्ली शिक्षा निदेशालय के 17 अप्रैल को जारी आदेश में आपदा प्रबंधन एक्ट 2005, दिल्ली एपिडेमिक एक्ट, कोविड 19 रेगुलेशंस 2020 आदि का हवाला दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि कोविड 19 के चलते कई अभिभावक जो बिजनेस, प्रोफेशनल या अन्य तरह के व्यवसायों में उनके काम पर असर पड़ा है। ऐसे में कई अभिभावक ऐसे हैं जो एक साथ तिमाही की फीस नहीं भर सकते हैं।


