लखनऊ, 17 अप्रैल (बु.)। कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए अचानक घोषित किए गए लॉकडाउन के कारण कई लोग अपने घरों से दूर ऐसी जगहों पर फंस गए जहां या तो काम करते हैं या पढ़ाई करते हैं। ये लोग अपने घरों को वापस आने के लिए राज्य सरकारों से गुहार लगा रहे हैं।
25 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन की वजह से कोटा में यूपी, बिहार समेत कई प्रदेशों के हजारों बच्चे फंसे हैं। राजस्थान के कोटा में फंसे बच्चों को निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन बच्चों को लाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 300 बसें रवाना की हैं।
इन बच्चों ने सोशल मीडिया पर SendUsBackHome नाम का अभियान चलाया है। छात्रों की समस्या को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पिछले 2 दिनों से केंद्र की एजेंसियों से बात करने की कोशिश कर रहे थे, मगर उन्हें भी निराशा हाथ लग रही थी। अब केंद्रीय एजेंसियों के कहने पर कोटा से बच्चों को निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
इससे पहले खबर आई थी कि जम्मू कश्मीर प्रशासन कोटा में फंसे अपने राज्य के बच्चों को वापस बुलाना चाहती है मगर उन्हें इजाज़त नहीं मिल पा रही है, जबकि बिहार सरकार ने कोटा से आने वाले बच्चों को लेने से मना कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार की पहल के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से भी बच्चों को लाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।


