मुज़फ्फरनगर, 16 अप्रैल (बु.)। प्रशासन ने डोमिनोज को खाद्य सामग्री के साथ मीट आदि की होम डिलीवरी को लेकर तमाम सवाल उठने लगे हैं। खासतौर से दिल्ली में पिज्जा के डिलीवरी ब्वॉय के कोरोना ग्रस्त पाए जाने और उसके चलते 72 घरों को सील किए जाने की घटना के बाद प्रशासन हालांकि डिलीवरी ब्वायज का स्वास्थ्य परीक्षण कराने की बात तो कर रहा है, लेकिन होम डिलीवरी को लेकर और कई सवाल भी जुड़े हुए हैं। लॉक डाउन के दौरान आगे दी जाने वाली ढील में कृषि यंत्रों, मर मत के सामान तथा पंक्चर आदि कुछ जरूरी चीजों को लेकर छूट के चलते राहत तो मिलेगी, लेकिन रेस्टोंरेंटस और मीट शॉप्स को होम डिलीवरी के लिए खोले जाने की घोषणा से लोगों में कई सवाल उठ रहे हैं। खासतौर से तब जबकि अभी शहर के आसपास ही दो हॉट स्पॉट मौजूद हैं। इसके अलावा अभी सौ से अधिक सेंपल जांच के लिए पैंडिंग हैं। आज दिल्ली में पिज्जा के डिलीवरी ब्वाय को कोरोना मिलने के बाद उसके द्वारा की गई डिलीवरी के चलते 72 घरों को सील किए जाने की घटना के बाद तो इसे लेकर सवाल और पु ता हो गए हैं। प्रशासन ने हालांकि इसके लिए डिलीवरी ब्वॉयज के स्वास्थ्य परीक्षण की बात कही है, लेकिन लोगों के दिमाग में एक सवाल यही है कि जब तक शहर के हॉट स्पॉट पूरी तरह क्लियर नहीं हो जाते और पैंडिग पडी रिपोर्ट भी साफ नहीं हो जाती, तक तक इसे लेकर कोई खतरे वाला कदम उठाना आत्मघाती साबित हो सकता है। ऐसे में समझदार लोग तो शायद ही अभी इस होम डिलीवरी को स्वीकार करें। लेकिन उनका कहना है कि प्रशासन को कम से कम मीट और दूसरे खाद्य पदार्थों की होम डिलीवरी को लेकर अभी सोचना चाहिए। उनका कहना है कि यह चीजें जीवन के लिए जरूरी सेवाओं में शामिल नहीं हैं और इनकी डिलीवरी के माध्यम से कोरोना वायरस के और फैलने की आशंका बनी रहेगी।


