मुजफ्फरनगर, 14 सितंबर (बु.)। शहर में अवैध और अव्यवस्थित तरीके से चल रहे ई-रिक्शा पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। ई-रिक्शाओं को ‘सांचे में ढालने’ के लिए एक विस्तृत ‘ब्लू प्रिंट’ तैयार किया गया है, जिसके तहत केवल वही ई-रिक्शा चल पाएंगी, जिनके पास सभी जरूरी कागजात होंगे। इस कदम का उद्देश्य न सिर्फ यातायात को सुगम बनाना है, बल्कि ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। यातायात विभाग की माने तो ई-रिक्शा के पंजीकरण, परमिट और फिटनेस की प्रक्रिया

को सख्त कर दिया गया है। अगर कोई ई-रिक्शा चालक इन सभी मानदंडों को पूरा नहीं करता है, तो उसे सड़क पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे ई-रिक्शा को ‘बेकार’ घोषित कर दिया जाएगा और उन पर सीज की कार्रवाई की जाएगी। इस नए नियम से उन हजारों ई-रिक्शा चालकों में हड़कंप मच गया है, जो बिना किसी वैध दस्तावेज के अपनी गाड़ियां चला रहे हैं। हालांकि, प्रशासन का मानना है कि यह कदम लंबे समय में सबके लिए फायदेमंद साबित होगा। इससे न केवल सड़कों पर भीड़ कम होगी, बल्कि वैध चालकों को भी राहत मिलेगी।


ट्रैफिक पुलिस ने साफ कर दिया है कि जो चालक इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और रिक्शा जब्त करने की कार्रवाई भी शामिल है। परिवहन अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक सुचारू और सुरक्षित बनाएगा।
शिव चौक पर सिर्फ 50 ई-रिक्शा को मिलेगी अनुमति, बाकी को किया जाएगा रूट जारी
मुजफ्फरनगर, 14 सितंबर (बु.)। शहर की बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए, प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब शिव चौक पर केवल 50 ई-रिक्शा को ही स्थायी रूप से आने जाने की अनुमति मिलेगी। बाकी सभी ई-रिक्शा चालकों को नए रूट दिए जाएंगे, ताकि शहर में यातायात का दबाव कम हो सके। यह फैसला शहर की मुख्य चौराहों, खासकर शिव चौक, पर लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए लिया गया है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, सुबह और शाम के समय शिव चौक पर ई-रिक्शा की भारी भीड़ के कारण अक्सर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता बिना किसी रुकावट के आवाजाही कर सके। बाकी सभी ई-रिक्शा चालकों को शहर के अन्य हिस्सों, जैसे बस स्टैंड, महावीर चौक, और रेलवे स्टेशन, आर्य समाज रोड़, मीनाक्षी चौक शामली अड्डा आदि के लिए अलग-अलग रूट दिए जाएंगे। उन्हें इन्हीं रूटों पर अपनी सेवाएं देनी होंगी।


