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Friday, March 6, 2026

शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए सरकार सरहानीय प्रयास, मुजफ्फरनगर को मिली 20 मिनी बसों की सौगात

मुजफ्फरनगर, 11 सितंबर (बु)। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैफिक की दिक्कत लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शहर आने की दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार ने एक सरहानीय कदम उठाया है।

परिवहन विभाग की और से मुजफ्फरनगर डिपो को 20 मिनी बसों की सौगात दी गई है। इन बसों शहर के लोगों को ग्रामीण क्षेत्र में और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को शहर आने की दिक्कत नहीं होगी। आपको बता दें कि पहले भी लगभग 50 से 60 बसें ग्रामीण क्षेत्रों के लिये मुजफ्फरनगर डिपो से चलती हैं।

आपको बता दें कि मुजफ्फरनगर रोडवेज डिपो में लगभग पहले से ही 199 बसों का बेडा है। जिसमें से 14 बसें एसी वाली हैं। आर्डनरी बसों में से 50 से 60 बसें विकल्प के हिसाब से चलती हैं। वहीं दुसरी तरफ एसी बसों में 7 से 8 बसें विकल्प के तौर पर रखी गई है। लेकिन जो 55 सीटर बस जो होती है वो ज्यादातर भीडभाड वाले क्षेत्रों में फंस जाती हैं। तीखा मौड़ हो तो इन बसों को मोडना दिक्कत भरा होता है।

इस समस्या का सामना कई बार करना पड़ता है। लेकिन बढ़ी बसे लंबे रूट के लिये सक्षम होती हैं। अगर इटरस्टेट रूट हो तो उसके लिये तो 55 सीटर बस को सबसे उपयोगी माना जाता है। ऐसे में जहां गांव की छोटी सड़कों पर बड़ी बसें चालक और परिचालक के लिये दिक्कत पैदा कर देती हैं। इसमें समय भी खराब होता है। साथ ही डीजल भी इसमें ज्यादा लगता है।

लेकिन अब यह छोटी मिनी बसें जो आई हैं यह भीडभाड वाले क्षेत्रों में निकलने में सक्षम बताई जा रही हैं। यह कुल 20 बसें हैं जो कि मुजफ्फरनगर के रोडवेज डिपो को मिली हैं। अभी 18 मुजफ्फरनगर पहुंच चुकी हैं और 2 की 24 घंटे में आने की संभावना है।

इससे कम से कम लोगों को राहत की सांस भी मिलेगी। साथ ही बढ़ी बस में यह भी दिक्कत आती थी कि जब तक पूरी तरह से 55 सवारियां बस में ना आ जायें तब तक बस चलेगी नहीं। और बड़ी बस को पूरी तरह भरने में भी समय लगता है। ऐसे में छोटी यानी मिनी बस को भरने में समय भी नहीं लगेगा। जो कि लोगों को ज्यादा इतजार होने से बचाएगा।

साथ ही एक और जानकारी मिल रही है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 20 प्रतिशत तक किराया कम करने की भी तैयारी चल रही है। हालांकि इसकी अधीसूचना जारी होना अभी बाकी है। बताया जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों को इससे काफी लाभ मिलेगा। आपको बता दें कि कुछ महीने पहले परिवहन मंत्री उत्तर प्रदेश ने एक कार्यक्रम के दौरान किराया 20 प्रतिशत कम करने की घोषणा की थी। जिसकी अभी तैयारी चल रही है।

इस पर पूरी जानकारी देते हुए डिपो इंचार्ज रवि चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस समय रोडवेज का किराया 1.30 रूपये प्रतिकिलोमीटर के हिसाब से चल रहा है। इसके अतिरिक्त इसमें बीमा की फीस और टोल जोड़ा जाता है। अगर मान लिजिये कि मुजफ्फरनगर से मेरठ किसी को जाना है तो वर्तमान में 74 रूपये किराया 5 रूपये बीमा फीस और 11 रूपये यानी कुल 90 रूपये किराया लगेगा और कम होता है तो यहीं किराया 79 रूपये हो जाएगा। हालांकि हमने आपको यह सिर्फ उदाहरण के तौर पर बताया है जबकि इसकी नोटिफिकेशन जारी होगी तो यह सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों के लिये ही मान्य होगा।

रवि चौधरी के अनुसार अब किराया तो जब कम होगा तब होगा लेकिन यह 20 बसें जो रोडवेज को मिली हैं यह मुजफ्फरनगर के ग्रामीणों के लिये वरदान साबित होगी। लोगों का समय पर पहुंचाना और रोडवेज के तेल की भी इससे बचत होगी।

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