मेरठ, 22 अप्रैल (बु.)। कोरोना के कारण अस्पतालों के बाद अब सूरजकुंड श्मशान घाट पर भी हालात खराब होते जा रहे हैं। बुधवार को स्थिति भयावह रही। अंतिम संस्कार करने के लिए शवों को चबूतरे नसीब नहीं हो रहे हैं। बुधवार को हाल यह रहा कि शवों का अंतिम संस्कार बाहर शेड में रखकर किया गया। बुधवार शाम आठ बजे तक सूरजकुंड श्मशान घाट पर 50 शव पहुंचे। इसमें 30 शव कोरोना संक्रमित मरीजों के थे। गंगा मोटर कमेटी के पदाधिकारियों ने स्थिति को देखते हुए डीएम व नगर आयुक्त को अवगत कराया है। नगर आयुक्त मनीष बंसल के निर्देश पर सूरजकुंड श्मशान घाट पर छह नये चबूतरों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें अभी लगभग तीन दिन का समय और लग सकता है। इसका भराव किया जाना बाकी है। वहीं, मंगलवार को नगर आयुक्त ने आचार्यो के लिए अंतिम संस्कार पर शुल्क निर्धारित कर दिया था। कोरोना संक्रमित शवों के लिए 1200 रुपये और सामान्य शवों के लिए 700 रुपये तय किए गए। यह भुगतान स्वजन आचार्यों को देंगे। उन्हें इसकी रसीद दी जाएगी। लेकिन इसकी व्यवस्था बनाने में अभी कुछ समय और लग सकता है। रसीद कौन काटेगा, यह भी निर्धारण नहीं हुआ है।


