लखनऊ, 14 अप्रैल (बु.)। प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज और जांच को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद सूबे की योगी सरकार ने निजी अस्पतालों में कोरोना जांच की फीस तय कर दी है। जानकारी के अनुसार किसी अस्पताल की ओर से प्राइवेट अस्पताल में कोरोना की जांच के लिए सैंपल भेजने और मरीज के अस्पताल में जाकर सैंपल देने पर 700 रुपए देने होंगे और निजी लैब द्वार घर से सैंपल लेने पर 900 रुपए देने होंगे। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने सभी को निर्देश दिए हैं कि तय दरों पर ही मरीजों से शुल्क लिया जाए। अधिक शुल्क लेने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। उधर मरीजों के अस्पताल में भर्ती करने पर एनएबीएच एक्रेडिटेड अस्पताल में आइसोलेशन बेड का चार्ज 10000, आईसीयू का 15000 और वेंटीलेटर युक्त आईसीयू का 18000 रुपए रखा गया है। नॉन एक्रेडिटेड अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड का 12000, आईसीयू का 13000 और वेंटीलेटर युक्त आईसीयू का 15000 रुपए रखा गया है। यह दरें ए श्रेणी के शहरों के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए हैं। बी श्रेणी के शहरों में अस्पतालों में इसका 80 फ़ीसदी और सी श्रेणी 60 फ़ीसदी शुल्क देना होगा।हालांकि, सरकार ने कोरोना जांच की फीस तो तय कर दी है, लेकिन राजधानी लखनऊ के कई लैब्स में कोरोना जांच की सुविधा बंद कर दी गई है। जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी अस्पतालों में लंबी कतारों और इंफेक्शन के खतरे को देखते हुए जो लोग प्राइवेट में जांच करवाना चाह रहे हैं, उन्हें सुविधा नहीं मिल रही है।


