मथुरा, 10 अप्रैल (बु.)। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर हालात अब पिछले साल से भी ज्यादा खराब नजर आ रहे हैं। पहले सख्ती थी, इसलिए लोग भी सचेत थे। इस बार लोग भी जमकर लापरवाही दिखा रहे हैं। मंदिरों की नगरी मथुरा-वृंदावन में कोरोना वायरस संक्रमण के रिकॉर्ड टूटते नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को यहां सर्वाधिक 113 नए मामले रिपोर्ट किए गए हैं। विभिन्न मंदिरों और आश्रमों में श्रद्धालु और पुजारी कोरोना संक्रमित होते जा रहे हैं। मंदिरों में उमड़ती भीड़ के बीच टूटते कोरोना वायरस प्रोटोकॉल को देखते हुए अब अलग अलग मंदिरों के स्तर पर ही फैसले लिए जा रहे हैं। सीधे तौर पर कहा गया है कि मंदिरों में बुजुर्गों और बच्चों को लेकर दर्शन करने न आएं। साथ ही मास्क के बिना एंटी नहीं मिलेगी। वृंदावन में ठा. बांकेबिहारी मंदिर में आप दर्शन को आ रहे हैं, तो ध्यान रखें, बिना मास्क आपको एंट्री नहीं मिलेगी। मंदिर प्रबंधन ने बच्चों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को दर्शन को न आने की सलाह दी है। एक बार में श्रद्धालुओं के प्रवेश की संख्या भी 10 से 15 ही तय की गई है। शुक्रवार से नई व्यवस्था लागू हो गई। ठा. बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक उमेश सारस्वत ने शुक्रवार को बताया, कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने कोविड-19 की सरकारी गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए हर प्रवेशद्वार पर सैनिटाइजेशन टनल लगाया गया है। बिना हाथ सैनिटाइज किए श्रद्धालु मंदिर में नहीं जा सकेंगे, उन्हें मास्क पहनना भी अनिवार्य कर दिया गया है। हर प्रवेशद्वार पर गार्डों की तैनाती की गई है। वह एक बार में 10 से 15 श्रद्धालुओं को ही मंदिर के अंदर आने दे रहे हैं। मंदिर के अंदर श्रद्धालु ज्यादा देर नहीं रुक पाएंगे। उधर, प्रबंधन ने पूरे मंदिर परिसर को सैनिटाइज कराया है। मंदिर के जगमोहन, परिसर से लेकर कार्यालय और प्रवेशद्वारों तक सैनिटाइज किए गए हैं।



