दिल्ली, 08 मार्च (बु.)। गणतंत्र दिवस पर उपद्रव के दौरान लालकिला के गुंबदों से उतारे गए कलश मिल गए हैं। इन्हें उपद्रवी ले जा पाने में सफल नहीं हुए थे और किला में ही छिपा दिया था, जो निरीक्षण के दौरान मिले हैं। इनमें कोई अधिक नुकसान नहीं है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) इन्हें गुंबद पर लगवा देगा। लालकिला का मुख्य द्वार लाहौरी गेट है जो चार मंजिला है। इसकी ऊंचाई 100 फीट से अधिक है। इसे शाहजहां द्वारा बनवाया गया था। इसके ऊपर दोनों ओर एक-एक बुर्ज है और इसके बीच में एक साइज के सात गुंबद हैं। लाल पत्थर के बने किले के इन गुंबद पर सफेद रंग का पत्थर लगा है। इन सभी गुंबदों पर सुनहरे रंग के कलश लगे हैं। इन्हीं गुंबद के बीच वाले गुंबद के ऊपर शान से तिरंगा लहराता रहता है। गौरतलब है कि 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान उपद्रवियों ने यहां उत्पात मचाया था और लालकिले पर अपना झंडा फहरा दिया था। इसके साथ ही दो गुंबद से कलश उतार लिए थे। हालांकि, पुलिस फोर्स बढ़ने के बाद उपद्रवी ये कलश ले जा नहीं सके और इन्हें लालकिला के एक भाग में छिपा दिया था। माहौल शांत होने पर जब लालकिला में निरीक्षण किया गया तो ये कलश एक कोने में मिल गए। एएसआइ ने इस बारे में संस्कृति मंत्रालय को सूचित कर दिया है।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। ये कलश उसी समय से लालकिले में लगे हैं, जब शाहजहां ने इसे बनवाया था।उपद्रवियों ने किला के बाहर टिकट काउंटर व प्रवेश के लिए बनाए गए घुमावदार 10 गेट तोड़ दिए थे। इसके अलावा एयर कंडीशनर को भी काफी नुकसान पहुंचाया था। अब इसे ठीक किए जाने का काम शुरू किया गया है। सर्वर सिस्टम से लगाए गए तारों की वाय¨रग की जांच की जा रही है। गेट को जल्द ठीक किया जा सके, इसके भी प्रयास किए जा रहे हैं। लालकिला अभी पर्यटकों के लिए बंद है।


