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Wednesday, March 18, 2026

मुजफ्फरनगरः बुजुर्ग दंपति ने खोली पुलिस की पोल, ‘बोले हमारा नही है गोल्ड’

मुजफ्फरनगर, 8 मार्च (बु.)। शहर के द्वारिका पुरी में सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त इंजीनियर तिलोकचंद अग्रवाल व उनकी पत्नी सरला देवी को 22 फरवरी को पाइप लाइन जोड़ने के नाम पर घर में घुसकर उन्हें बेहोश करके लाखों रुपए की लूट की घटना को अंजाम दे दिया था। आज उक्त मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि शिव नई मंडी द्वारा एक बदमाश को पकड़ा गया है। जो न्यू गोपाल नगर का रहने वाला हरदीप उर्फ दीपा पुत्र ओमप्रकाश है। उक्त खुलासे के बाद चौका देने वाली बात सामने आई है। जिसमें पीड़ित परिवार ने साफ तौर पर यह कहा कि खुलासे के मामले में जो सामान दिखाया गया है वह किसी भी सूरत में उनका नहीं है। इतना ही नहीं बुजुर्ग दंपत्ति ने मीडिया को अपने बयान देते हुए कहा कि पुलिस द्वारा पकड़ा गया बदमाश हरदीप और सुदीपा वास्तव में वही बदमाश है जिसने अपने साथी के साथ उनके घर में घुस कर घटना को अंजाम दिया था। मगर घटना में मिले ज्वैलरी उनकी नहीं है। बुजुर्ग दंपत्ति की टीम ने भी अपने बयान देते हुए कहा कि पुलिस ने कल रात उन्हें कॉल करके थाने में बुलाया था। उन्होंने थाने जाने के लिए मना करती थी लेकिन पुलिस ने उन्हें यह कहते हुए थाने बुलवाया था उनका सामान बरामद हो गया है इसलिए उन्हें थाने तो आना ही पड़ेगा जब परिवार के लोग रात में ही थाने पहुंचे और पुलिस ने उन्हें बरामद की गई ज्वेलरी दिखाई तो उन्होंने उसी समय पुलिस को कह दिया था। कि यह ज्वेलरी उनकी है ही नहीं। इस पर पुलिस ने अपनी वर्दी का रौब गालिब करते हुए कहा कि अब यह ज्वेलरी मिल ही जाएगी फिर कुछ भी नहीं मेरे वाला इस पर बुजुर्ग दंपती व उनके साथ गए परिवार के लोग अपना सा मुंह लेकर वापस लौट आए और रविवार को पुलिस ने अपना गुड वर्क दिखाते हुए पूरे मामले का खुलासा कर दिया। मगर खुलासे पर बुजुर्ग दंपत्ति सहमत दिखाई नहीं पड़े और उन्होंने देश शाम अपने बयान जारी किए वह पुलिस खुलासे से सहमत नहीं है। क्योंकि पुलिस द्वारा बरामद किया गया सामान गोल्ड ज्वेलरी किसी भी सूरत में उनकी नहीं है पीड़ित चौधरी का कहना है कि पूरी जिंदगी ना वह कैसे उनको पहचानने में मात खा जाएगी वह यह नहीं उनके है ही नहीं इस संबंध में सड़ा देवी की पुत्री से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि हमने अपने माता-पिता की ज्वेलरी पूरी जिंदगी उन्हें अपने सामने पहनते देखा है जब ज्वेलरी उनकी है ही नहीं तो पुलिस को जबरदस्ती दूसरे ज्वेलरी को उनका पता कर घटना का खुलासा कर रही है परिवार के लोग ने इस बात परपर तो तारीफ की उन्होंने चंद दिनों में ही बदमाश को पकड़ दिखाया मगर ऐसी क्या वजह है कि पुलिस उनकी ज्वेलरी नहीं दिला पा रही है बदलकर उसके ज्वेलरी पर जबरदस्ती हमसे हां करा रही है श्रद्धा दंपत्ति ने गुस्से में आकर यह भी कहा कि पुलिस के कहने से क्या आदमी गधा हो जाएगा पुलिस तो आम आदमी को गधा बता देती है तो क्या हम सारी बात पुलिस की मांग ले कुल मिलाकर पुलिस के गुड वर्क का खुलासा होने के बाद हाथों-हाथ पुलिस पर आरोप लगते दिखे कि किस तरह से पुलिस वास्तव में खुलासों के दौरान कितनी भारी फेरबदल करती है और किस तरह से आम लोगों पर अपनी हां में हां मिलाने का दबाव डालती है अभी है तो जनपद के आला अधिकारी तय करेंगे कि आखिर उनके थानों में बैठी पुलिस कौन कौन से खेल खेल रही है सत्य दंपति द्वारा लगाए गए आरोपों को पुलिस केस खारिज कर पाती है अब यह देखने वाली बात है।

आखिर क्या था पूरा घटनाक्रम

आपको बता दें कि नई मंडी थाना क्षेत्र के मोहल्ला द्वारिकापुरी निवासी 85 वर्षीय त्रिलोक चंद्र अग्रवाल सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त है मैं अपनी पत्नी सरला देवी के साथ द्वारिकापुरी में निवास करते हैं उनका पुत्र भोपाल में उच्च पद पर तैनात है जबकि पुत्री का विवाह सीएमओ डॉ एसके अग्रवाल के साथ हुआ है 22 फरवरी को दो युवक उनके घर पहुंचे और बताया कि वह लोग आभूषण साफ करने का काम करते हैं उन्होंने सरला देवी के गहने साफ करने के लिए हल्दी डालकर गर्म पानी करने को कहा इसी दौरान दोनों युवकों ने सरला देवी और उनके पति को कुछ खाकर बेहोश कर दिया और सरला देवी के पहने गहनों के अलावा साफ करने के लिए लाए गए अन्य गहने और कीमती सामान समेटकर फरार हो गए थे।

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