नई दिल्ली 28 फरवरी (वार्ता) केन्द्रीय वस्तु और सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, पूर्वी दिल्ली ने काल्पनिक फर्मों के एक नेटवर्क का खुलासा किया है, जिनका इस्तेमाल संचालक द्वारा वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) बनाने और हस्तांतरित करने के लिए किया जा रहा था। इस मामले में राजधानी के कड़कड़डूमा अदालत में वकालत करने वाले वकील विशाल को गिरफ्तार किया गया है। विशाल ने अपने नाम पर एक काल्पनिक फर्म का निर्माण करके इस जीएसटी धोखाधड़ी की शुरुआत की, जिसे उन्होंने अपने निवास के नाम पर पंजीकृत करवाया। इसके बाद, उन्होंने कई फर्जी फर्मों को बनाने के लिए अलग-अलग व्यक्तियों के कई केवाईसी की व्यवस्था की। इन फर्जी फर्मों की कोई भी व्यावसायिक गतिविधि नहीं थी और इन्हें पूरी तरह से नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट को हस्तांतरित करने और सरकारी खजाने को ठगने के उद्देश्य से बनाया गया था। गिरफ्तार व्यक्ति के आवास की तलाशी के दौरान कई केवाईसी और चेक मिले हैं। वह अपने ग्राहकों को चालान राशि के दो प्रतिशत कमीशन के बदले में नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट हस्तांतरित करता था। अब तक फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट की कुल रकम 50.03 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जिसके जांच के बढ़ने के साथ अधिक होने की उम्मीद है।


