मुजफ्फरनगर, 15 सितंबर (बु)। सोमवार को सुबह ही काली नदी पर लोगों का हुजूम लगा दिखाई दिया। पहले लोगों ने पुल से खड़े होकर देखा, उन्हें लगा कि हजारों मछलियां एक साथ काली नदी में तैर रही हैं। मगर यह देखकर किसी को यकीन नहीं आया और लोग काली नदी में नीचे उतर गए। नीचे उतर देखा तो वास्तव में हजारों मछलियां काली नदी के अंदर तैर रही थी जो लम्बे अरसे से कभी नहीं देखी गयी।

ऐसे में जिन लोगों को मछली खाने और बेचने का शौंक था वे मछलियों पर टूट पड़े और उन्होंने इन्हें पकड़ने का भरसक प्रयास किया। ये दृश्य देखकर काली नदी के पुल पर लोगों की भीड़ जमा हो गयी और सभी में एक ही चर्चा दिखाई दी कि इस नदी में तो कई वर्षों के बाद इतनी मछलियां एक साथ दिखाई दे रही हैं। ये दृश्य देखकर पशु प्रेमी तो रोमांचित हो उठे मगर मछलियां बेचने और खाने वालों ने किसी प्रकार की कोई कोर कसर इन्हें पकड़ने में नहीं छोड़ी।
बाद में मौके पर पुलिस पहुंची और मछलियां पकड़ने वालों का तितर-बितर किया। पुलिस ने सावधान किया और कहा कि हो सकता है कि किसी फैक्ट्री से कोई कैमिकल छोड़ा गया हो, जिसके चलते उक्त मछलियां इतनी तेजी के साथ बहती हुई यहां तक चली आई हों। ऐसे में उनसे कोई छेड़छाड़ न करें और कोशिश करें कि लालच के वशीभूत होकर इन्हें खाने और बेचने से परहेज करें।
मगर लालच की इस दुनिया में इस बात को मानता कौन है? जिसका जो दिल किया उसने वही किया। खूब मछलियां पकड़ी गयी और खाने वाले इन्हें लेकर भी गए। अब चाहे वो बीमार हों या सही यह जिम्मेदारी उनकी अपनी है, क्योंकि प्रशासन ने अपना काम बखूबी किया।
बड़ी बात यह है कि मछलियां देखते ही इंसान तो इन मछलियों पर छपटे ही इंसानों के साथ साथ बगुले और अन्य मांसाहारी जीव चली, चिड़िया आदि घंटों नदी के ऊपर मंडराती रही और जिसका जैसे मौका लगा वह इन मछलियों को चोंच में दबाकर उठा ले गयी।


