मेरठ, 15 अप्रैल (बु.)। हालात भयावह हो रहे हैं। नए स्ट्रेन वाला वायरस कहर ढाने पर आमादा है। स्वास्थ्य विभाग कोविड बेडों की संख्या दो हजार से बढ़ाकर पांच हजार तक करेगा। तीनों मेडिकल कालेजों को सरकार कोविड अस्पताल में बदलने की तैयारी में है। शासन भी जल्द सर्कुलर जारी कर सकता है। एनसीआर मेडिकल कालेज प्रबंधन ने स्वयं प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर कोविड अस्पताल बनाने की पहल की है। उधर, निजी अस्पतालों में आक्सीजनयुक्त बेडों के साथ ही वाईपैप, हाई फ्लो नेजल कैनुला एवं वेंटीलेटरों की संख्या बढ़ाने को कहा गया है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि लाला लाजपत राय मेडिकल कालेज में 1060 बेड हैं, जिसमें एमसीआइ मानकों के मुताबिक संचालित 750 बेडों का अस्पताल है। ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई हैं। मेडिकल कालेज में फिलहाल 250 बेडों का कोविड वार्ड संचालित है। भर्ती मरीजों की संख्या 150 से ज्यादा हो गई है। ऐसे में अस्पताल के सभी बेडों को कोविड बेडों में बदला जाएगा। 20 से ज्यादा विभागों के तमाम वार्डों में मरीजों की भर्ती भी कम कर दी है। इन वार्डाें को कोविड मानकों पर तैयार किया जा रहा है। हापुड़ रोड स्थित एनसीआर मेडिकल कालेज के कोविड वार्ड प्रभारी डा. अश्विनी शर्मा ने बताया कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के जरिए प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर पूरे अस्पताल को डेडीकेटेड कोविड अस्पताल बनाने के लिए पत्र लिखा है। प्रदेश सरकार की नजर सुभारती मेडिकल कालेज पर भी है। 750 बेडयुक्त इस अस्पताल में 440 बेडों का कोविड वार्ड संचालित है। प्रदेश सरकार निजी मेडिकल कालेजों में भी आइसीयू कोविड बेडों की संख्या बढ़ाने का आदेश दे चुकी है। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि जिले में आक्सीजनयुक्त बेडों की कमी पडऩे लगी है। निजी अस्पतालों में 500 नए कोविड बेड बनाए जा रहे हैं।


