अलीगढ़, 8 अप्रैल (बु.)। सरसों की नई आबक आने के बाद भी तेल की कीमतें चढ़ने की जगह लगातार बढ़ रही है। सरसों के तेल की कीमत 140 रुपये प्रतिलीटर के पार कर गई हैं। पाम आयल की कीमतों में भी आग लगी हुई हैं। इसके चलते रिफाइंड के दामों में आग लगी हुई है। एक बार फिर कोरोना संकट बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र, दिल्ली सहित अन्य कई राज्यों में नाइट कफ्र्यू जड़ दिया है। बंदरगोहों से आने वाले पाम आयल ने महंगाई को और भी भड़का दिया है। गल्ला मंडियों में नई सरसों की फसल आ चुकी है। बावजूद सरसों के तेल के दाम कम नहीं हो रहे। बुधवार को फुटकर बाजार में ब्रांडेड सरसों का तेल 140 से 145 रुपया प्रतिलीटर तक बढ़ा। इससे दाल का तड़का व सब्जी का छौंक महंगा हो गया है।दिसंबर में ब्रांडेड तेल की कीमत 120 रुपया प्रतिलीटर थीं। उपभोक्ताओं को नई सरसों की फसल आने से तेल की कीमतें घटने का अनुमान था। मगर ऐसा नहीं हुआ। बाजार में ये कीमतें घटने के स्थान पर बढ़ रही हैं। 22 मर्च 2021 को सरसों की तेल की कीमत 100 रुपया प्रतिलीटर तक थीं। इसी तरह वनस्पति घी के भाव भी दिसंबर में 100 रुपया प्रतिलीटर तक थे दाम। यह 124 से 130 रुपया प्रतिकिलो तक हो गई हैं। इसी तरह रिफाइंड की कीमत दिसंबर में 120 रुपया प्रति लीटर थीं, अब फुटकर बाजार में यह ब्रांडेड में 140 से 145 रुपया प्रतिलीटर हो गया है।


