दिल्ली, 05 मार्च (बु.)। दुनियाभर में फैले अनिवासी भारतीय भी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में योगदान देने के लिए उत्साहित हैं। हालांकि, विदेशी अनुदान प्राप्त करने से संबंधित नियमों के चलते वे योगदान नहीं कर पा रहे हैं। अनिवासी भारतीयों की राम मंदिर निर्माण में सहयोग देने की भावना को ध्यान में रखकर श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गृह मंत्रालय से फारेन कंटिब्यूशन एक्ट (एफसीआरए) में राहत देने का अनुरोध करते हुए पत्र लिखा है। मामले के एक जानकार के मुताबिक इस मामले में गृह मंत्रालय का रुख सकारात्मक है। वहीं, विहिप के केंद्रीय कार्याध्यक्ष व निधि समर्पण अभियान के संयोजक एडवोकेट आलोक कुमार ने इस संबंध में पूछे जाने पर बताया कि अगस्त से जमीन के ऊपर मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की तरफ से देशभर में चले निधि समर्पण अभियान में लक्ष्य से अधिक सहयोग राशि प्राप्त हो चुकी है, चूंकि यह आस्था से जुड़ा विषय है, ऐसे में अनिवासी भारतीय भी इसमें अपना योगदान देना चाहते हैं। लेकिन, मंदिर निर्माण के लिए बना ट्रस्ट तीन वर्ष पुराना नहीं है इस वजह से विदेश से इसके लिए सहयोग राशि नहीं स्वीकार की जा सकती। ऐसे में ट्रस्ट ने गृह मंत्रलय को पत्र लिखकर विदेश में बसे भारतीयों की धार्मिक आस्था का ध्यान रखते हुए एफसीआरए के नियमों में छूट देते हुए सहयोग राशि प्राप्त करने की अनुमति देने का आग्रह किया है।


