कानपुर, 05 मार्च (बु.)। कानपुर देहात के अकबरपुर में अजीब-ओ-गरीब घटना सामने आई। एक पिता अपनी बेटी को चौराहे पर खड़ा करके भूल गया और फिर शाम को वह कोतवाली में उसकी गुशुदगी दर्ज कराने पहुंच गया। उसकी इस हरकत पर पहले तो पुलिस कर्मियों ने नारागजी जताई लेकिन उसकी दास्तां सुनकर वो भी पसीज गए। दरअसल, खम्हैला गावं का रहने वाला राजकुमार मंगलवार की शाम अकबरपुर चौराहे पर सात वर्षीय बेटी आरती के साथ आया था। उसने आरती को अकबरपुर ओवरब्रिज के नीचे खड़ा कर दिया और रुपये फुटकर कराकर वापस आने की बात कही। इसके बाद वह बेटी को वापस ले जाना भूल गया। करीब डेढ़ घंटे तक गुमसुम खड़ी आरती का सब्र टूटा तो वह फूट फूट कर रोने लगी। उसे रोता देखकर राहगीरों ने पूछा तो उसने पूरी बात बताई। इसके बाद राहगीर उसे कोतवाली ले गए और पुलिस को सौंप दिया। कोतवाली में महिला पुलिस कर्मियों ने बिस्किट और जूस देकर उसे चुप कराया। इधर राजकुमार अपनी पत्नी विनीता के साथ बदहवास हालत में कोतवाली पहुंचा और बेटी आरती के लापता होने की जानकारी दी। उसने पुलिस से बेटी का पता लगाने और गुमशुदगी दर्ज करने की गुहार लगाई। इसपर पुलिस कर्मियों ने अकबरपुर चौराहे पर मिली मासूम को सामने लाकर दिखाया तो राजकुमार और विनीता के सांस में सांस आई। वहीं आरती भी मां व पिता को देखकर खुश हो गई। पुलिस ने राजकुमार से उसकी हरकत पर नाराजगी जताई तो उसने पूरी दास्तां बताई। जिसकोे बाद पुलिस ने उन्हे सकुशल बेटी के सुपुर्द कर दिया।


