आगरा, 09 मार्च (बु.)। राज्य सरकार प्रत्येक विद्यार्थी को निश्शुल्क दो जोड़ी यूनिफार्म, एक जोड़ी जूता, स्वेटर, जूते-मोजे और स्कूल बैग उपलब्ध कराती है। इस पर प्रदेशभर में करीब 1800 करोड़ रुपए का खर्च आता है।आगामी शैक्षिक सत्र में डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से अभिभावकों के खातों में पैसा भेजने की तैयारी है। हालांकि पाठ्यपुस्तकों और मिड डे मील की व्यवस्था पहले की तरह ही रहेगी। छह सौ रुपये की यूनिफार्म, 200 रुपये का स्वेटर, 135 रुपये के जूते, 21 रुपये के मौजे और 100 रुपये का स्कूल बैग। यानि कुल 1046 रुपये। यदि सरकार की कोशिश पूरी होती है, तो बेसिक शिक्षा परिषद के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के खाते में हर साल इतने रुपये आना शुरू हो जाएंगे। यह पैसे उनकी यूनिफार्म, स्वेटर, जूते-मोजे और स्कूल बैग के लिए सीधे उनके अभिभावकों के खाते आएंगे। इस बार भी विभाग यह प्रस्ताव कैबिनेट में रखेगा। इस फैसले से प्रदेश 1.58 करोड़ और जिले के दो लाख 34 हजार विद्यार्थियों को इसका सीधा फायदा पहुंचेगा। कोरोना काल में विभाग अभिभावकों के खाते में कन्वर्जन कास्ट का पैसा भेज चुका है। आगे भी इसका प्रस्ताव सरकार को भेजा गया, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसे नकारते हुए इंकार कर दिया था। नए शैक्षिक सत्र के लिए एकबार फिर से कवायद शुरू की जाएगी।


