अयोध्या, 03 मार्च (बु.)। अभी विदेश से मंदिर निर्माण में सहयोग लेने पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट फैसला नहीं कर सका है। इसके बावजूद अप्रवासी भारतीय आराध्य की जन्मभूमि पर बनने जा रहे भव्य मंदिर में सहयोग करने के लिए व्यग्र हैं। वे किसी तरह मंदिर निर्माण के लिए अपना सहयोग देना चाहते हैं। कुछ लोगों ने भारत में रहने वालों की मदद से निधि अर्पित की तो अब कुछ ऐसे रामभक्त भी मिले जो अयोध्या आए तो वे अपना सहयोग मंदिर निर्माण में करना नहीं भूले।गत दिनों कनाडा से आए भारतीय मूल के रितेश नागर ने 50 कैनेडियन डॉलर दिये। इन्होंने रामलला का दर्शन किया और वहीं पर लगे रामलला नगर के निधि समर्पण कैंप में अपनी निधि समर्पित की। हालांकि ट्रस्ट के पास फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट का प्रमाणपत्र न होने से यह राशि बैंक में जमा नहीं हुई। यह धनराशि रामललानगर के डिपॉजिटर के पास है।रामनगरी में नेपाल से जुड़े कुछ मंदिर हैं। यहां के महंत भी नेपाल के हैं। वे वर्षों से अयोध्या में रह कर साधना कर रहे हैं। जब से राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट ने कार्यालय खोला, तब से ही नेपाल के रामभक्त वहां से इनके माध्यम से धनराशि भेजते हैं। यहां के लोग अपने खाते से उक्त धनराशि के बराबर ही धनराशि निकाल कर ट्रस्ट कार्यालय में जमा करते हैं। अभी तक नेपाल से तकरीबन तीन लाख रुपये आ चुके हैं। ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश चंद्र गुप्त ने बताया कि नेपाल के लोगों ने सहयोग भेजा है।


