वाराणसी, 23 फरवरी (बु.)। बीएचयू के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि सिंह द्वार 24 घंटे तक बंद कर दिया गया हो। देर रात गेट पर बैठे छात्रों ने दोनों मिनी गेट भी बंद कर दिए। इससे सुबह-सुबह जो जागिंग करने वाले लोगों का खासा दिक्कतें हुईं। हालांकि एंबुलेंस को नहीं रोका जा रहा है। छात्र विश्वविद्यालय खोलने की मांग पर 24 घंटे से कायम हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अभी यह आंदोलन और लंबा और तेज चलने वाला है। जल्द बीएचयू नहीं खुला तो ऐसे ही सब कुछ बंद रहेगा। सोमवार सुबह 10 बजे से ही पहले और दूसरे वर्ष के छात्र बीएचयू के मुख्य द्वार को रोककर धरने पर बैठे हैं, कि उनके लिए भी बीएचयू खोल दिया जाए। बीएचयू सिंह द्वार बंद होने से बच्चों और मरीजों को कल खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सोमवार सुबह सिंह द्वार के किनारे के दोनोंं छोटे गेट खुले थे वे भी बाद में बंद हो गए। इससे एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए स्थिति काफी मुश्किल हो गई। हालांकि, कुछ छात्रों ने जरूर मदद की मगर पूरे दिन आम आदमी हलकान रहे। बीएचयू सिंह द्वार के तीनों गेट को मंगलवार की दोपहर तक पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। केवल पैदल आने जाने के लिए खोला जा रहा है। इस दौरान आपातकाल के लिए मुख्य द्वार पर एक एंबुलेंस खड़ी की गई है। पुलिस और बीएचयू प्रशासन की ओर से यहां एक भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं हैं। हालांकि, एक ट्रक में भरकर पुलिस फोर्स थोड़ी दूरी पर सुरक्षा कारणों से खड़ी है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सुरक्षा को लेकर मंथन का दौर जारी है, िविवि प्रशासन की ओर से छात्रों को समझाने बुझाने का प्रयास भी शुरू करने की तैयारी है।


