दिल्ली, 14 फरवरी (बु.)। दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी ने शनिवार को संसद में जौनापुर गांव में प्रस्तावित विश्वस्तरीय कौशल केंद्र का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सिंगापुर सरकार के सहयोग से इस कौशल केंद्र का निर्माण होना तय हुआ था।वर्ष- 2013 में दिल्ली सरकार ने इसे बनवाने के लिए सिंगापुर की एक कंपनी को मंजूरी दे दी थी। मंत्रिमंडल की बैठक में इसके लिए मंजूरी प्राप्त हो गई थी। इसके लिए जौनापुर की 37 एकड़ जमीन दिल्ली सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग और पीडब्ल्यूडी को सौंप दी गई थी। सांसद रमेश बिधूड़ी ने बताया कि वर्ष- 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने इस मुद्दे को शहरी विकास मंत्रलय के समक्ष उठाया था। उसके बाद इस केंद्र को बनाने के लिए तीन करोड़ 28 लाख रुपये ग्रामसभा जौनपुर के खाते में ट्रांसफर भी करवा दिए गए थे। बिधूड़ी ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने 2015 से लेकर अब तक इस कौशल केंद्र के कार्य को रुकवा दिया है। इसके निर्माण के लिए मैंने मुख्यमंत्री व उपराज्यपाल को कई पत्र लिखे हैं। यह कौशल केंद्र जौनापुर गांव व दिल्ली के युवाओं के लिए आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा। बिधूड़ी ने कहा कि वे इस विश्वस्तरीय कौशल केंद्र को बनवा कर ही रहेंगे।


