दिल्ली, 17 फरवरी (बु.)। 26 जनवरी को किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली में हुए उपद्रव में नित नए खुलासे हो रहे हैं और नए-नए लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। नए खुलासे के तहत अब दो खालिस्तानियों पीटर फ्रेडरिक और भजन सिंह भिंडर उर्फ इकबाल चौधरी के नाम भी इससे जुड़े हैं। इनके संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ से भी हैं। ऐसे में पुलिस अब इस बात को भी केंद्र में रखकर जांच की ओर आगे बढ़ रही है कि कहीं पाक से तो इस पूरे उपद्रव की रणनीति नहीं बनाई गई। इन दोनों में से एक को तो खुफिया एजेंसियां साल 2006 से तलाश कर रही हैं मगर अब तक गिरफ्त में नहीं आया है। एक दूसरा नाम भजन सिंह भिंडर उर्फ इकबाल चौधरी का भी है, इकबाल चौधरी का नाम साल 1980 में अशांति फैलाने में पहले ही सामने आ चुका है। बताया जाता है कि भजन सिंह मूलरूप से मलेशिया का रहने वाला है और अमेरिका से अशांति फैलाने का काम करता है। पीटर फ्रेडरिक का लिंक पाकिस्तान तक जाता है। भजन सिंह भिंडर का एक दूसरा सहयोगी लाल सिंह आइएसआइ(ISI) के सहयोग से भारत में कई बार शांति भंग करने वाली गतिविधियों को अंजाम दे चुका है। दरअसल टूलकिट मामले में रिसोर्स पर्सन के तौर पर पीटर फ्रेडरिक का नाम सामने आया, इसके सामने आने के बाद जांच एजेंसियों को जांच की एक नई दिशा मिली। पीटर अलग जांच का विषय है। स्पेशल सेल लाल किला उपद्रव के बाद से इस मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस पीटर पर एक माह पहले से जांच कर ही रही थी, इसी दौरान उसका नाम टूलकिट में रिसोर्स पर्सन के तौर पर सामने आ गया। पीटर पर भारत के खिलाफ सोशल मीडिया के माध्यम छद्म युद्ध लड़ने का है।


