गोरखपुर, 25 फरवरी (बु.)। गोरखपुर के लिए राहत भरी खबर है। 26 अप्रैल 2020 के बाद पहली बार बुधवार को एक भी व्यक्ति पाजिटिव नहीं मिला है, जबकि कोरोना संक्रमण के 1373 नमूनों की जांच हुई। अब तक 21458 लोग संक्रमित हो चुके हैं। 365 की मौत हो चुकी है। 21079 स्वास्थ्य हो चुके हैं। जिले में केवल 14 सक्रिय मरीज बचे हैं। सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने इसकी पुष्टि की है।गोरखपुर जिले में 26 अप्रैल को पहला कोरोना मरीज मिला था। उरुवा के हाटा बुजुर्ग निवासी एक 49 वर्षीय व्यक्ति हार्ट के मरीज थे, वह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से लाकडाउन के दौरान एंबुलेंस से अपने गांव लौटे थे। गांव के बाहर एक झोपड़ी में ही रुक गए थे। वहीं से वह उसी दिन एंबुलेंस से बाबा राघव दास मेडिकल कालेज आ गए। वहां जांच में कोरोना संक्रमित निकले। जिले के वह पहले कोरोना के मरीज थे, उन्हें ठीक होने में एक माह का समय लगा। इसके बाद क्रमश: दिल्ली व मुंबई से लोग आते गए और संक्रमितों की संख्या बढऩे लगी।गस्त-सितंबर 2020 में स्थिति यह हो गई थी कि कोरोना अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे थे। आनन-फानन में अनेक कोविड अस्पताल खोले गए। लेवल टू अस्पतालों की संख्या बढ़ाई गई। दशहत का माहौल पैदा हो गया था। लेकिन बुधवार को एक भी संक्रमित न मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली। सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने कहा कि अब कोरोना लगभग खत्म हो गया है। बचा-खुचा संक्रमण आम नागिरकों की जागरूकता व टीकाकरण खत्म कर देगा। बचाव के नियमों का सभी लोग पालन करते रहें। इससे केवल कोरोना ही नहीं, इंसेफ्लाइटिस, डेंगू आदि कई तरह की बीमारियों की रोकथाम होगी।


