चंडीगढ़, 6 मई (बु.)। केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक सोमवार को जब शराब की दुकानें खुलीं तो बाहर लंबी कतारें लग गई। भीड़ को संभालना दुकानदारों के लिए भारी साबित हुआ, इतना ही नहीं सोशल डिस्टेंसिंग का मजाक बन कर रह गया। शराब के ठेकों के बाहर उमड़ी भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पंजाब सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। पंजाब में अब शराब के शौकिनों के लिए होम डिलीवरी की व्यवस्था सरकार करेगी ताकि दुकानों के बाहर लंबी कतारें न लगें।
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शराब की होम डिलीवरी की अनुमति तो दे दी है लेकिन इसके साथ कुछ नियम भी बनाए हैं। पंजाब में 7 मई से शराब के ठेके सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही खुलेंगे और इस दौरान कोई भी शख्स शराब का ऑर्डर दे सकता है। दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक शराब की होम डिलीवरी की जाएगी।
पंजाब सरकार ने शराब ही नहीं खाने-पीने का सामान और राशन की भी होम डिलीवरी की इजाजत दे दी है। दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे के बीच इन सामानों की भी होम डिलीवरी की जाएगी।
बता दें कि शराब व्यापारियों ने पंजाब सरकार से होम डिलीवरी की परमिशन मांगी थी या फिर सरकार को दी जाने वाली लाइसेंस फीस में कटौती की मांग उठाई है। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ही सबसे पहले केंद्र को शराब के ठेके खोलने की अनुमति का प्रस्ताव भेजा था। शराब की दुकानें बंद होने से पंजाब सरकार को हर महीने 500 करोड़ रुपये का भारी भरकम नुकसान का अनुमान है।


