दिल्ली, 5 मई (नेट)। दुनिया में अपनी टेक्नोलॉजी के लिए प्रसिद्ध देश इजरायल ने दावा किया है कि उसने कोरोना वायरस की वैक्सीन बना ली है। यह दावा इजरायल के रक्षामंत्री नैफताली बेन्नेट ने किया है। उनका कहा है कि इजरायल इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल रिसर्च (IIBR) ने कोरोना वायरस की एंटीबॉडी विकसित करने में सफलता हासिल कर ली है। IIBR इजरायल का बेहद गुप्त संस्थान है। वैक्सीन के विकास का स्टेज पूरा हो चुका है। अब इसके पेटेंट और बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी शुरू हो चुकी है।
IIBR में होने वाले प्रयोगों के बारे में बाहरी दुनिया को ज्यादा जानकारियां नहीं मिलती। लेकिन नेस जियोना इलाके में स्थित इस प्रयोगशाला में दौरा करने के बाद नैफताली बेन्नेट ने वैक्सीन बनने की खुशखबरी दुनिया भर के लोगों को दीं। यह खबर टाइम्स ऑफ इजरायल की वेबसाइट समेत कई मीडिया संस्थानों ने की प्रकाशित की है।
नैफताली बेन्नेट ने बताया कि यह एंटीबॉडी मोनोक्लोनल तरीके से कोरोना वायरस पर हमला करती है। बीमार लोगों के शरीर के अंदर ही कोरोना वायरस को खत्म कर देती है। इसके बाद वायरस शरीर के अन्य हिस्सों या दूसरे शख्स में फैल नहीं पाता।
इजरायल इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल रिसर्च देश के रक्षा मंत्रालय के अधीन आता है। इस लैब ने अब इस वैक्सीन को पेटेंट कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद इसे बड़े पैमाने पर बनाया जाएगा, ताकि दुनिया भर के लोगों को इससे फायदा मिल सके।
बेन्नेट ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके उत्पादन के लिए हम दुनियाभर की कंपनियों से बात करेंगे। मुझे इजरायल इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल रिसर्च की पूरी टीम पर बेहद गर्व है। हालांकि बेन्नेट ने अपने बयान में यह नहीं बताया कि इस वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल या ह्यूमन ट्रायल हुआ है या नहीं। उन्होंने कहा कि इजरायल अपने लोगों की सेहत और अर्थव्यवस्था को संतुलन करने का प्रयास कर रहा है।
पूरी दुनिया में फिलहाल कोरोना वायरस की वजह से 2.52 लाख से ज्यादा लोग मारे गए है। वहीं, 36 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस की चपेट में हैं। दुनिया भर में करीब 100 से ज्यादा वैज्ञानिक समूह वैक्सीन बनाने का काम कर रही हैं। इजराइल का यह दावा अगर सही है तो कोरोना से कराह रही दुनिया के लिए बड़ी उम्मीद होगी।


