लखनऊ, 5 मई (वार्ता)। देश के सबसे बड़े प्रदेश यूपी में अभी तक 2742 कोरोना के केस सामने आ चुके हैं जिनमें 1939 एक्टिव केस हैं जबकि 758 मरीज़ पूरी तरह से स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में राहत और बचाव कार्यों के लिए हर जनपद में आईएएस और वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों की विशेष तैनाती के निर्देश दिए हैं। साथ ही राजस्व बढ़ाने पर विशेष बल देने को कहा गया है। यूपी के 64 जनपदों में कोरोना के एक्टिव केस हैं।
कोरोना के संबंध में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को टीम 11 के साथ बैठक की। जिसमें प्रवासी कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराने और कोरोना संक्रमण के उपचार व रोकथाम के संबंध में अहम दिशा निर्देश दिए। अबतक 50 हजार से अधिक लोग यूपी वापस आ चुके हैं। उनके मुताबिक, गुजरात से 2 ट्रेनें आई है, जबकि 5 ट्रेन बहुत जल्द पहुंचने वाली हैं। इसी प्रकार से महाराष्ट्र से 2 ट्रेनों से 2273 लोगों की वापसी हुई है। कनार्टक, केरल और पंजाब से भी ट्रेनें जल्द आने वाली हैं। हालांकि, श्रमिकों से किराए के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये किराया रेलवे दे रहा है।
अवनीश अवस्थी ने कहा कि सीएम योगी ने प्रदेश के सभी जनपदों में वरिष्ठ आईएएस व वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों को भेजकर राहत तथा बचाव कार्य का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने आगरा, लखनऊ, मेरठ, कानपुर नगर, मुरादाबाद, सहारनपुर, फिरोजाबाद आदि जनपदों में विशेष निगरानी का निर्देश दिया है। उन्होंने प्रवासी कामगारों तथा श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए इन्हें एक जनपद-एक उत्पाद योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना तथा दुग्ध समितियों से जोड़ने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।
यूपी के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि रविवार को कोरोना के 3328 सैंपल भेजे गए थे, जिसमें पिछले सैंपलों सहित 4021 सैंपलों की टेस्टिंग की गई। आइसोलेशन में 2024 लोगों को रखा गया है, वहीं क्वारंटाइन में 11049 लोग हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में 50 हजार 193 टीमों ने सर्विलांस का काम किया है। इस सर्विलांस के आधार पर 43 लाख 56 हजार 923 घरों का सर्वे हुआ। इन घरों में 2 करोड़ 16 लाख 78 हजार 415 लोगों की जांच की गई है।


