मुजफ्फरनगर, 16 अप्रैल (बु.)। जिलाधिकारी से आज प्रेस वार्ता के दौरान वैवाहिक आयोजनों के विषय पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जिन्हें शादी की जल्दी है वे रजिस्टर्ड मैरिज कर सकते हैं, लेकिन उससे पहले उन्हें एडीएम से मिलकर समय लेना होगा। इसी पर चुटकी लेते हुए एसएसपी अभिषेक यादव ने कहा कि ऐसी शादी में मजा थोड़े ही न आएगा। इसलिए शादी के लिए थोड़ा रुक जाएं तो क्या बुराई है। ज्ञात रहे कि लॉकडाउन से पहले हजारों विवाह की तिथि तय हो चुकी थी और लोगों ने बैंकट हॉल, टेंट, क्रॉकरी, हलवाई आदि की भी बुकिंग करा डाली थी। लॉकडाउन के बाद से इक्का दुक्का विवाह का छोड़कर कोई विवाह स पन्न नहीं हुआ और स भवत: जून तक इसकी स भावनाएं कम ही रह गयी हैं। ऐसे में लोगों के दिलों में कई प्रकार के सवाल उठ रहे थे, जिसका निराकरण आज हो गया है। जिलाधिकारी से मुज फरनगर बुलेटिन के संवाददाता ने प्रेस वार्ता में उक्त सवाल उठाया तो उन्होंने कहा कि शादी की कोई मनाही नहीं है जो चाहे कर सकता है, लेकिन किसी प्रकार का कोई आयोजन नहीं किया जाएगा, सिर्फ रजिस्टर्ड मैरिज ही हो सकेगी। जो चाहे वो इस विवाह को सहर्ष कर सकता है। अब देखना यह होगा कि कोरोना महामारी से देश को कब मुक्ति मिलती है और कब कब लोग धूमधाम से वैवाहिक आयोजनों को कर पाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक अभी लगभग 3 माह तक तो सोशल डिस्टेंस की छूट मिलनी नामुमकिन सी है, जिसके चलते धूमधाम वाले विवाह तो हो ही नहीं पाएंगे। न आप किसी को दावत के लिए बुला सकते हैं और न कोई डीजे और न कोई को ढोल ढमाका। अब इन सबके विवाह यदि आप विवाह करने को तैयार हैं तो सीधा रजिस्टर्ड मैरिज करनी होगी।


