जालंधर, 27 मार्च (वार्ता)। पंजाब सरकार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए लोगों के लिए विशेष रूप से दवाइयां उनके दरवाजे पर देने का प्रयास तीन महीने के बच्चे के लिए एक वरदान साबित हुआ, जिसे एक बड़ी जीवन रक्षक सर्जरी से गुजरना था। तीन साल की अभि एक गंभीर समस्या से पीडि़त थी, जिसके कारण उसका मल पेट से होकर गुजरता था। छोटी परी के माता-पिता को दो जीवन रक्षक आंतों की सर्जरी के लिए सलाह दी गई थी, जिनमें से एक पहले आयोजित की गई थी, जबकि दूसरी इस महीने के अंत में निर्धारित की गई थी। शहर में क र्यू लगाने के बाद बच्चे के माता-पिता को सर्जरी के लिए आवश्यक दवाएं प्राप्त करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मेडिकल स्टोर ने माता-पिता की मदद करने में असमर्थता व्यक्त की थी क्योंकि आवश्यक दवाएं केवल सर्जिकल स्टोर में उपलब्ध थीं। उपायुक्त वरिंदर कुमार शर्मा के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबरों की सूची जारी की, जिसमें किसी भी आपात स्थिति के अलावा किराने, दूध, सब्जियों और दवाओं की आपूर्ति के लिए संपर्क किया जा सकता है। स्थिति की गंभीरता को महसूस करते हुए, ड्रग कंट्रोल ऑफिसर तुरंत हरकत में आ गए और बच्चे के घर पर आवश्यक दवा की आपूर्ति सुनिश्चित की। एक माँ ने संकट के इस घड़ी में लोगों को बाहर निकालने के लिए मु यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और जिला प्रशासन के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने अपने अथक प्रयासों के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका की भी सराहना की।